Year: 2025
Type: article
Abstract: ‘मुद्राराक्षस’ संस्कृत के प्रसिद्ध नाट्यकार विशाखदत्त द्वारा रचित एक ऐतिहासिक नाटक है। यह गुप्तकालीन या उसके आस-पास के समय का नाटक माना जाता है। इसका विषय चाणक्य (कौटिल्य) द्वारा चन्द्रगुप्त मौर्य को मगध का सम्राट बनाने और नन्दवंश के अंत के बाद उसकी सत्ता को सुदृढ़ करने की राजनीतिक घटनाओं पर आधारित है। ‘मुद्राराक्षस’ का नाट्य-वैशिष्ट्य इस बात में है कि यह संस्कृत का सर्वश्रेष्ठ राजनीतिक नाटक है, जिसमें न श्रृंगार का बाहुल्य है, न दैवी चमत्कारों का सहारा, बल्कि ठोस ऐतिहासिक यथार्थ, सजीव चरित्र और तीव्र नाटकीयता इसकी आत्मा हैं। ‘मुद्राराक्षस’ संस्कृत साहित्य का एकमात्र शुद्ध राजनीतिक नाटक है। इसमें नायक-नायिका के प्रेम या श्रृंगार का कोई विशेष स्थान नहीं है। सम्पूर्ण कथा राजनीति, कूटनीति, षड्यंत्र, और बुद्धिचातुर्य पर केन्द्रित है।
Language: English
Topic: Indian and Buddhist Studies
Subfield: Religious studies
Field: Arts and Humanities
Domain: Social Sciences
Open Access status: diamond
OpenAlex ID: W4415435158
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