महलओ क नयय तक पहच भरत म वकलपक ववद समधन ततर क भमक
Year: 2025
Type: article
Abstract: भारत में महिलाओं के लिए न्याय तक पहुँच सामाजिक-आर्थिक बाधाओं, कानूनी जटिलताओं और लिंग-आधारित भेदभाव के कारण अक्सर बाधित हो जाती है। प्रस्तुत शोध-पत्र भारत में महिलाओं की न्याय तक पहुँच से संबंधित समस्याओं का विश्लेषण करता है तथा नारी अदालतों, महिला न्यायालयों जैसे वैकल्पिक विवाद समाधान (ADR) तंत्रों की भूमिका को रेखांकित करता है, जो समुदाय-आधारित हस्तक्षेपों के माध्यम से न्याय प्राप्ति की प्रक्रिया को सुलभ और प्रभावी बनाते हैं। यह शोध-पत्र गैर-प्रतिकूल एवं सहभागी दृष्टिकोण से विवादों के समाधान में नारी अदालतों के महत्व, लैंगिक न्याय पर उनके प्रभाव, तथा इनके समक्ष उपस्थित संरचनात्मक एवं प्रणालीगत चुनौतियों का अध्ययन करता है। यह अध्ययन भारत के विभिन्न राज्यों में संचालित नारी अदालतों की नीतियों, केस-स्टडी और नवीनतम आँकड़ों की व्यापक समीक्षा पर आधारित है। शोध में यह भी इंगित किया गया है कि महिला-न्याय सुनिश्चित करने हेतु ADR तंत्रों को सुदृढ़ बनाने के लिए संस्थागत मान्यता, कानूनी संरक्षण तथा पर्याप्त संसाधन-आवंटन की आवश्यकता अत्यंत महत्त्वपूर्ण है।
Authors: कुसुम लता शर्मा, डॉ. सुशीम शुक्ला
Language: English
Subfield: Strategy and Management
Domain: Social Sciences
Open Access status: green
OpenAlex ID: W7106523226
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