Year: 2026
Type: article
Abstract: 1 जुलाई 2017 से लागू वस्तुकर एवं सेवाकर (GST) ने भारत की अप्रत्यक्ष कर प्रणाली में उल्लेखनीय सुधार किया। तदुपरांत GST काउंसिल की 56वीं बैठक की सिफारिशों के फलस्वरूप 22 सितम्बर 2025 से GST REFORMS 2.0 (या Next Generation GST) लागू किया गया। इसका उद्देश्य कर दरों का सरलीकरण, कर अनिश्चितताओं व अनुपालन-भार को घटाना, उपभोक्ताओं के लिये राहत तथा राजस्व-प्रणाली की दक्षता बढ़ाना है। यह अध्ययन द्वितीयक समंको पर आधारित है। इस शोध-पत्र में GST Reforms 2.0 के प्रमुख तत्त्वों की रूपरेखा, इसके तात्कालिक तथा मध्य-कालिक आर्थिक प्रभावों का विश्लेषण, MSME/ उपभोक्ताओं/निर्यातकों पर पड़ने वाले प्रभाव और नीतिगत निहितार्थों का विवेचन किया गया है। प्रमुख निष्कर्ष यह हैं कि GST 2.0 ने दर-सरलीकरण और डिजिटलाइजेशन के माध्यम से उपभोग को प्रोत्साहन देने तथा कर-आधार विस्तारित करने की क्षमता दिखाई है, किन्तु राज्य-राजस्व संतुलन, ITC-अनुपालन जटिलताएँ और संक्रमण-कालीन असर अभी भी महत्वपूर्ण चुनौतियाँ हैं।
Author: Manoj Agrawal
Topic: Economic and Fiscal Studies
Subfield: Economics and Econometrics
Domain: Social Sciences
Open Access status: hybrid
OpenAlex ID: W7202029834
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